बच्चों के दांत टूटना कब शुरू होते हैं? When do baby milk teeth break? -

बच्चे की Oral Health के लिए शुरुआत से ही उसके दूध के दांतों की देखभाल, डेंटिस्ट के पास ले जाना और दांतों संबंधित अच्छी आदते डालना बहुत जरूरी है। बच्चों के दांत बनने की प्रक्रिया मां के गर्भ से ही शुरू हो जाती हैं, और 2 से 3 साल की उम्र तक बच्चे के मसूड़ों से सभी 20 दूध के दांत निकल चुके होते हैं।

बच्चों के दांत टूटना कब शुरू होते हैं? When do baby milk teeth break

आमतौर पर, एक बच्चा लगभग 6 साल की उम्र में अपना पहला दांत खो देता है। लेकिन यदि आपका बच्चा 3 या 4 वर्ष की उम्र से पहले अपना पहला दांत खो देता है, तो यह चिंता का कारण है। यह दांतों की सड़न या कैविटी के कारण हो सकता है, इसलिए शुरू से ही बच्चों को डेंटिस्ट से चेकअप करवाना बेहतर होता है।

डॉक्टरों के अनुसार, आमतौर पर 6 से 12 साल के बीच बच्चे अलग-अलग समय पर और अलग-अलग कारणों से दांत खो देते हैं। सामान्यत: पहले बच्चे के सामने के नीचे के दो दांत और ऊपर के सामने के दो दांत गिरते हैं।

बच्चे के दूध के दांत तब तक बने रहते हैं, जब तक कि उनकी जगह पर परमानेंट दांत नहीं निकलते। यदि बच्चे के दांत सड़ने या किसी दुर्घटना के कारण समय से पहले टूट जाते है, तो उस खाली जगह पर टेढ़े मेढ़े दांत निकलने की संभवना रहती हैं। कुछ बच्चों को टेढ़े दांत ही निकलते हैं ।

kids Broken Tooth

बच्चों को पहली बार दांतों के डॉक्टर के पास कब ले के जाये ?

डॉ सचिन मित्तल एडवांस्ड डेंटिस्ट्री की सलाह है कि बच्चे का पहला डेंटल विजिट बच्चे का पहला दांत निकलने के छह महीने के भीतर या 12 महीने की उम्र तक हो जाना चाहिए। एक बार हेल्दी दांत निकलने के बाद, माता-पिता के लिए यह बहुत जरूरी है कि वे अपने बच्चे को उसके दांतों की उपयोगिता से परिचित करवाएं।

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बच्चे के दांतों की सफाई

बच्चे के दांतों की सफाई के लिए दिन में कम से कम दो बार बिना फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट और नर्म ब्रश से ब्रश करनी चाहिए, दिन में एक बार फ्लॉस करना चाहिए और अधिक मात्रा मे मीठे खाद्य पदार्थों , चॉकलेट और सॉफ्ट ड्रिंक्स के सेवन से बचना चाहिए। रात को दांत साफ करके ही सोना चाहिए।

 

यदि बच्चे के स्थायी दांत समय पर न निकले ?

एक पैरेंट्स के रूप में, जब हमारे बच्चे के स्थायी दांत समय पर नहीं निकलते हैं, तो यह हमारे लिए चिंता का कारण बन सकता है। यह आमतौर पर पहली दाढ़ के साथ होता है, लेकिन यह अन्य दांतों को भी प्रभावित कर सकता है। जब ऐसा होता है, तो यह अक्सर स्थायी दांत के लिए जगह की कमी के कारण होता है। वास्तव में, जब मसूड़ों में बहुत ज्यादा खाली जगह होती है, तो दांतों के गलत तरीके से विकसित होने का भी खतरा होता है।

समय पर परमानेंट दांत न निकलने का एक और कारण यह भी है कि जबड़े में इसके लिए पर्याप्त जगह नहीं होती है। इसके लिए ऑर्थडान्टिस्ट की सलाह जरूर ले।

बच्चे के दांत टूटने के बाद क्या करें?

बच्चे के दांत टूटना

बच्चों में दांतों का निकलना, बढ़ना और गिरना एक जटिल प्रक्रिया है। बच्चों के हेल्थ और दांतों की स्थिति के बारे में, पैरेंट्स को बारीकी से निगरानी करनी चाहिए, जब तक कि उसका आखिरी दांत न गिर जाए। दांत गिरने के बाद मसूड़ों से खून निकलता है। इसलिए बच्चे के मुंह को गुनगुने पानी से धोएं अथवा किसी नम कपड़े से पोछना चाहिए।

ध्यान रखें कि ब्लीडिंग एक घंटे के भीतर बंद हो जानी चाहिए। शुरुआत में बच्चों को थोड़ी परेशानी होती है, लेकिन पहली जोड़ी खोने के बाद उन्हें इसकी आदत हो जाएगी। फिर भी अगर अधिक खून निकले और ब्लीडिंग 1 घंटे के अंदर बंद न हो तो तुरंत अपने डेन्टिस्ट से संपर्क करे

 

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